नई दिल्ली (The Jagran News): कभी बड़े मार्केट शेयर से हाथ धोने वाली भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनी टीवीएस मोटर (TVS Motor) आज वैश्विक स्तर पर नया इतिहास रच चुकी है। 2007-2009 के दौरान बजाज के पेटेंट विवाद और 2008 की वैश्विक मंदी के चलते कंपनी 125cc एग्जीक्यूटिव सेगमेंट से लगभग बाहर हो गई थी, जो उस समय कुल बाजार का करीब 50% हिस्सा था। उस गंभीर संकट से उबरकर टीवीएस आज 2 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता बन गई है।
वैश्विक दोपहिया बाजार में 7% हिस्सेदारी रखने वाली टीवीएस की मौजूदगी आज दुनिया भर के 90 से अधिक देशों में है। वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बिकने वाला हर पांचवां टू-व्हीलर टीवीएस का है, यानी घरेलू बाजार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 20% है। कंपनी ने कुल 58.9 लाख वाहन बेचे, जिनमें 27.1 लाख मोटरसाइकिल, 24.1 लाख स्कूटर और 3.71 लाख इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं।
सुजुकी से अलग होने के बाद टीवीएस ने अपनी स्वतंत्र R&D पर फोकस किया। जहां 'स्कूटी' ने महिलाओं के बीच स्कूटर का नया ट्रेंड सेट किया, वहीं 'अपाचे' ने युवाओं को साधा और 'जुपिटर' ने फैमिली स्कूटर सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ाकर 30% कर दी। कंपनी अपने होसुर, मैसूर, नालागढ़ और इंडोनेशियाई प्लांट्स के जरिए सालाना 70 लाख टू-व्हीलर्स बनाने की क्षमता रखती है। अब टीवीएस ब्रिटिश ब्रांड 'नॉर्टन' और स्विस ई-मोबिलिटी अधिग्रहण के साथ सुपर-प्रीमियम बाइक्स और ई-बाइक्स के भविष्य पर दांव लगा रही है।